अफ्तार अहमद फर्स्ट एडिटर न्यूज़ सुल्तानपुर
बिहार के मामा-भांजे सहित 3 आरोपी गिरफ्तार, बिहार में भी किया है 4 करोड़ का फ्रॉड


OLX के माध्यम से एक शिक्षक को 19 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों में बिहार के मामा-भांजे भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह OLX पर कमरे किराए पर लेने के बहाने मकान मालिकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था।
शिकायतकर्ता शैलेंद्र सिंह, निवासी तुराबखानी, कोतवाली नगर, सुल्तानपुर ने OLX पर कमरा किराए पर देने के लिए विज्ञापन डाला था। आरोपी अजय यादव उर्फ मोहित ने उनसे संपर्क किया और कमरा किराए पर लिया। बाद में, अजय ने शैलेंद्र को ट्रेडिंग और अन्य आकर्षक योजनाओं का लालच देकर उनसे अलग-अलग माध्यमों से कुल 19 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसमें 7 लाख रुपये मोबाइल लोन के जरिए और 12 लाख रुपये नकद शामिल थे। ठगी के बाद आरोपी फरार हो गए थे, जिसके संबंध में साइबर क्राइम थाना, सुल्तानपुर में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह के निर्देश पर, सीओ सिटी सौरभ सामंत के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह की टीम ने बुधवार को बिहार से इन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से एक पल्सर बाइक, 9 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक लैपटॉप, नकद और अन्य संबंधित उपकरण बरामद किए गए हैं। जिले में इस तरह के साइबर अपराध का यह पहला मामला सामने आया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अजय प्रताप यादव उर्फ मोहित (पुत्र संजय सिंह यादव, निवासी बीरभानपुर, थाना चांद, जनपद भभुआ, बिहार), तेज प्रताप यादव (पुत्र राम राज यादव, निवासी हरबल्लमपुर, थाना दुर्गावती, जिला भभुआ, बिहार) और रंजन यादव (पुत्र स्व. नंदू यादव, निवासी मसौनी, थाना चंदौली) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अजय पर पहले से ही आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। यह गिरोह बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी 4 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है।
शैलेन्द्र सिंह की पत्नी मनसा सिंह ने बताया कि मैंने अपना रूम जो है ओलेक्स पर डाला था। यह ओलेक्स एप के थ्रू आया था। मेरे हसबैंड को क्लोज बनाया और उनका मोबाइल ले के ये दो एप डाउनलोड करके सात लाख का लोन कर दिया था और जो मैसेज डिलीट कर दिया ताकि उनको पता न चले कि होम लोन गया है। उनके खाते में कुछ पैसे से वो भी वो जगह-जगह ट्रांसफर कर लिया जो उनको पता नहीं हुआ। वह बोला कि भैया कुछ पैसा शेयर में लगाया है हम आपको बढ़ाकर देंगे तो इसी तरीके से उसने उन्नीस लाख का फ्रॉड किया। बोला कि हम ट्रेडिंग में लगाएंगे आपको दस हजार लागएगे तो आपको पंद्रह हजार देंगे, पांच हजार लगायेगे 10 हजार देंगे। हमने साइबर थाने में एक माह पहले शिकायत की थी। आपको बता दें कि मकान मालिक भेटुआ में सरकारी अध्यापक हैं।
एएसपी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि लाख का लोन हो चुका था इन लोगों को पता नहीं था। और इसमें ऑनलाइन ट्रेडिंग का प्रॉफिट की बात बताकर पैसे लिए। उनसे कहा कि यह जो है शेयर मार्केट वेल्यू प्रॉफिट मिला मेरा पैसा है पैसा लेकर के मेरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दीजिये, तो उन्होंने ट्रांसफर कर दिया और ट्रांसफर करने के बाद तत्काल अभियुक्त ने जो है अपने मामा के खाते में ट्रांसफर कर दिया। इस तरीके से इनके साथ उन्नीस लाख रूपये का इन्होने फ्राड किया। लगभग चार करोड़ के फ्रॉड के बारे में इनका बिहार में पता लगा है कि वहां पर भी इसी तरीके से फ्राड आलरेडी किया है।
इसमें मुख्य अभियुक्त अजय प्रताप यादव उर्फ़ मोहित सिंह है और इसके खिलाफ 6 मुकदमे बिहार में चंदौली में लिखे हुए हैं। यह पुराना क्रिमिनल है।