अफ्तार अहमद फर्स्ट एडिटर न्यूज़ सुल्तानपुर
आधे घंटे तक डॉक्टर को ढूढ़ती रही बेटी, अधीक्षक ने फोन उठाना किया बंद, चार दिनों में लापरवाही का दूसरा केस
सुलतानपुर के लंभुआ सीएचसी में मंगलवार सुबह इलाज के आभाव में एक महिला की मौत हो गई। परिजनों का जहां रो-रोकर बुरा हाल है वही घटना को लेकर आक्रोश है। आखिर गुस्सा परिजनों में हो भी क्यों नहीं? वो इसलिए कि एक घंटे तक इलाज शुरू कराने के लिए परिजन इधर-उधर अस्पताल में भटकते रहे लेकिन डॉक्टर अस्पताल में होते तब तो इलाज को पहुंचते। सिर्फ हॉस्पिटल में गार्ड ही परिजनों को मौजूद मिले।
जानकारी के अनुसार, लंभुआ कोतवाली अंतर्गत मझुई लाल का पुरवा (अवसानपुर) निवासी मोमिना (65) पत्नी सन्नाम खान को घबराहट और बेचैनी की शिकायत थी। जिस पर महिला की बेटी उसे लेकर सुबह 8 बजे लंभुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां उन्हें गार्ड मिला बाक़ी डॉक्टर नहीं थे। महिला को वार्ड के अंदर बेड पर लिटा कर बेटी डॉक्टर की तलाश में इधर उधर पागलों की तरह दौड़ती और फिर आकर मां की हालत देखती। इस बीच एक घंटे का समय बीत गया और कोई डॉक्टर इलाज करने नहीं पहुंच सका। आखिर में वही हुआ, इलाज के आभाव में महिला ने दम तोड़ दिया।
महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने हंगामा काटा। बेटी आमीना ने बताया कि हम यहां ऑटो से मां को लेकर आए। लाकर लिटाया, यहां कोई डॉक्टर नहीं था। सीएचसी अधीक्षक को फोन किया गया तो उन्होंने एक बार फोन उठाया उसके बाद फोन उठाना बंद कर दिया। आधे घंटे बाद स्टॉफ के दो लोग आए चेक करके चले गए। इसके बहुत देर बाद एक डॉक्टर आए और चेक करके बोले ये नहीं हैं। वही परिजनों का कहना है जब तक कोई बड़ा अधिकारी नहीं आता हम शव लेकर नहीं जाएंगे।
सीएमओ डॉक्टर भरत भूषण ने बताया प्रकरण संज्ञान में है। हमने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि मृतका के पति सन्नाम मुंबई में बेकरी में मजदूरी करते हैं। उसके चार बेटा और चार बेटियां हैं। सद्दाम (30), हाशिम (27), कासिम (24) और सैफ (19) यह चार पुत्र हैं। जबकि सोनी (34), अफ़रोज़ (20), सफरीना (15), और नरगिस (28) चार
बेटियां हैं।