अफ्तार अहमद फर्स्ट एडिटर न्यूज़ सुल्तानपुर
ओलमाओं ने दिया अमन-भाईचारे का संदेश, प्रशासन रहा मुस्तैद
सुल्तानपुर में शुक्रवार को ‘मदहे सहाबा’ का ऐतिहासिक जुलूस निकाला गया। हर साल की तरह इस बार भी हजारों की संख्या में जायरीन अकीदत और एहतराम के साथ इसमें शामिल हुए। इस दौरान मौलाना कसीम कासमी ने समाज में अमन और भाईचारे का संदेश दिया, जो चर्चा का विषय रहा।
मौलाना कसीम कासमी ने बताया कि यह जुलूस ‘फतह मक्का’ की याद में निकाला जाता है, जिसे ‘मदहे सहाबा’ कहा जाता है। पिछले 70-75 सालों से यह जुलूस इसी शान के साथ जुमातुल विदा के मौके पर निकाला जा रहा है, जो अमन और शांति का पैगाम देता है।
जुलूस चौक स्थित बिबिया मस्जिद से शुरू होकर शाहगंज चौराहा, डाकखाना चौराहा, जीएन रोड होते हुए गुजरा। इसका समापन जामिया इस्लामिया पर हुआ। इस दौरान सहाबा की शान में नज्में पढ़ी गईं और नारे लगाए गए। मौलाना ने स्पष्ट किया कि जुलूस में केवल निर्धारित नारे ही लगाए जाते हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मौलाना ने अपने संदेश में कहा, “आज जुमातुल विदा है और इसके बाद ईद का बड़ा त्योहार है। हम यही पैगाम देना चाहते हैं कि पूरी दुनिया में अमन और सलामती का माहौल कायम हो। नफरतों की दीवारें टूटें और मोहब्बत के जज्बात पैदा हों।”
उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि कुछ मुट्ठी भर लोग दुनिया को नफरत की आग में झोंक रहे हैं। मौलाना ने कहा, “हम मोहब्बत के पैगंबर हैं, कहीं न कहीं हमारी कोशिशों में कमी रह गई है। हमें एक-दूसरे के दुख-दर्द और खुशी में शरीक होना चाहिए।”
वहीं मौलाना मोहम्मद उस्मान एवं मौलाना मताहरुस्सलम ने जुलूस की कयादत की और अमन चैन के साथ त्योहार मनाने की अपील किया।
अलविदा जुमा के अवसर पर निकले जुलूस-ए-मदहे सहाबा को लेकर शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। जुलूस की निगरानी एसडीएम सदर बिपिन कुमार द्विवेदी और सीओ सिटी सौरभ सामंत की अध्यक्षता में रही, जबकि नगर कोतवाल इंस्पेक्टर संदीप राय के नेतृत्व में पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। शाहगंज चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर शिवानंद भी पुलिस टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालते नजर आए।
कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने में जिला सुरक्षा संगठन के महासचिव हाजी मोहम्मद इलियास खान, मीडिया प्रभारी अफ़्तार अहमद, जावेद अहमद, अपराध निरोधक समिति के अध्यक्ष अमर बहादुर सिंह, अलीमुद्दीन, शफीक अहमद, आशीष तिवारी, विनय सेन, आसिफ अंसारी , अशोक सिंह बिसेन, निसार अहमद गुड्डू , गुफरान अहमद सैफी, रिजवान अहमद सोनू, हामिद राईनी सहित कई पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी के सहयोग से जुलूस शांतिपूर्ण माहौ








ल में संपन्न हुआ।