


अफ्तार अहमद फर्स्ट एडिटर न्यूज़ सुल्तानपुर
नायब तहसीलदार और दो लेखपालों पर हमले के आरोपियों से मुठभेड़, पयागपट्टी में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर; बंजर भूमि कराई गई कब्जामुक्त
सुल्तानपुर। अवैध खनन रोकने गई राजस्व टीम पर हमले के मामले में पुलिस और प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। जिले में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई। इसमें तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी, जबकि पुलिस ने कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया। दूसरी ओर, हमले के मुख्य आरोपियों से जुड़े अवैध निर्माण के खिलाफ कोतवाली नगर क्षेत्र के पयागपट्टी में प्रशासन ने बुलडोजर चलवाया।
पहली मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब पांच बजे कोतवाली नगर के खैचला में हुई। पुलिस ने राहुल सिंह, नौशाद और मनोज सिंह को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में राहुल सिंह के पैर में गोली लगी। पुलिस ने इनके कब्जे से .32 बोर की पिस्टल, जिंदा और खोखा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद की। पुलिस के अनुसार राहुल के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 10 मुकदमे दर्ज हैं। अवैध मिट्टी खनन में इस्तेमाल चार डंपर भी बरामद किए गए।
दूसरी मुठभेड़ सुबह करीब 8:45 बजे अखंडनगर थाना क्षेत्र में हुई। यहां पुलिस ने वांछित आरोपी संदीप सिंह और प्रशान्त सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों के पैर में गोली लगी। इनके पास से .315 और .12 बोर के तमंचे, कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की काली थार बरामद हुई। संदीप के खिलाफ पहले से छह मुकदमे दर्ज हैं।
उधर, बुधवार शाम पयागपट्टी में राहुल सिंह और संदीप सिंह से जुड़े अवैध निर्माण पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। एसडीएम सदर गरिमा सौनकिया ने बताया कि गाटा संख्या 201 की बंजर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। वहीं गाटा संख्या 253 और 254 में सुधा सिंह पत्नी सतीश सिंह के अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। आगे की कार्रवाई प्रचलित है।
हालांकि, बुलडोजर कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने महज औपचारिकता बताया है। गौरतलब है कि दो नवंबर को अवैध खनन रोकने पहुंची टीम पर हमले में नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव का पैर फ्रैक्चर हो गया था और दो लेखपाल घायल हुए थे। इस मामले में कोतवाली नगर में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे।