अफ्तार अहमद फर्स्ट एडिटर न्यूज़ सुल्तानपुर 

बोले मौलाना औनो-मोहम्मद की शहादत से मिलती है रिश्तों की सीख
गभड़िया स्थित एडवोकेट मरहूम अंजुम जाफरी के इमामबाड़े से सोमवार की रात एक विशेष जुलूस निकाला गया। यह जुलूस जनाबे जैनब के बेटों औनो-मोहम्मद की याद में था।
मौलाना मुशीर अब्बास खां ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि कर्बला की घटना केवल शोक मनाने के लिए नहीं है। इससे समाज को महत्वपूर्ण संदेश मिलता है। उन्होंने बताया कि औनो-मोहम्मद, इमाम हुसैन के भांजे थे। दोनों ने अपने मामू का सम्मान बेटों की तरह किया।
मौलाना ने एक रोचक तथ्य साझा किया। जनाबे जैनब ने अपने दोनों बेटों की शहादत पर आंसू नहीं बहाए। उनका मानना था कि उनके भाई उनके आंसू नहीं देख पाएंगे। यह बहन-भाई के रिश्ते की गहराई दर्शाता है।एडवोकेट मोहम्मद अली जाफरी ने बताया कि यह जुलूस पिछले 8 वर्षों से निकाला जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कौमी एकजुटता का संदेश देना है। जुलूस में अंजुमन गुनचए मजलूलिया ने नौहा मातम किया। शेर अली ने पेशखानी की।
कार्यक्रम में इफ्तेखार अली, जफर, कलबे हसन, हसन अली, डॉ हैदर जाफरी, आसिम सज्जाद, आफ्ताब आलम और शबीह हैदर समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। जुलूस मिर्जा अशफाक हुसैन के घर के पास स्थित मस्जिद पर समाप्त हुआ।