अफ्तार अहमद फर्स्ट एडिटर न्यूज़ सुल्तानपुर
सड़क किनारे लावारिस जिंदगी जी रहे शख्स के लिए ‘रहमत’ बनी खाकी, नहला कर पहनाये थे कपड़े
सुल्तानपुर। खाकी की सख्ती के बीच सुल्तानपुर पुलिस ने इंसानियत और संवेदनशीलता की ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसने पुलिस के मानवीय चेहरे को सामने ला दिया। सीताकुंड क्षेत्र में वर्ष 2019 से सड़क किनारे बेहद दयनीय हालत में रह रहे मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं चोटिल अज्ञात व्यक्ति की पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने सुध ली। उसे नहलाया-धुलाया गया, स्वच्छ कपड़े पहनाए गए और भोजन-पानी की व्यवस्था कर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया।
इस नेक पहल पर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को प्रशस्ति पत्र देकर ‘परमार्थ एवं मानवीय सराहनीय सम्मान’ से नवाजा। उन्होंने सभी के सेवाभाव की जमकर सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी तरह जनसेवा के कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
मानवीय पहल में क्षेत्राधिकारी नगर राघवेन्द्र सिंह, सीताकुंड चौकी प्रभारी सुनील कुमार, आरक्षी सुवेश यादव के साथ स्थानीय नागरिक विशाल चौधरी, करतार केशव यादव, अंकित कुमार और पप्पू का सराहनीय योगदान रहा।
पुलिस के मुताबिक व्यक्ति लंबे समय से सड़क किनारे बदहाली में रह रहा था। उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति बेहद खराब थी। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे मनोरोग विशेषज्ञ के पास रेफर किया गया है। आगे उसके बेहतर इलाज और देखभाल के लिए वाराणसी स्थित मानसिक चिकित्सालय भेजने की तैयारी है।
सुल्तानपुर पुलिस की इस पहल ने यह संदेश दिया कि खाकी सिर्फ कानून का पहरा नहीं देती, बल्कि जरूरत के वक्त बेसहारा इंसान के लिए सहारा और इंसानियत की आवाज भी 




बन सकती है।