अफ्तार अहमद फर्स्ट एडिटर न्यूज़ सुल्तानपुर
एक्सीडेंटल फायरिंग की थ्योरी पर दो आरोपी गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो व अवैध पिस्टल बरामद
गोसाईगंज थाना क्षेत्र में चर्चित आज़ाद वर्मा हत्या प्रकरण में पुलिस ने जांच के दौरान बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार 29 जून 2026 को बादल वर्मा की तहरीर पर सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान वैज्ञानिक एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की नई कड़ियां सामने आईं। जांच में पता चला कि मृतक आज़ाद वर्मा अपने तीन साथियों अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर, अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक तथा अमन वर्मा के साथ एक काली स्कॉर्पियो में नई अवैध पिस्टल लेकर घूम रहा था। इसी दौरान पिस्टल चलाने के प्रयास में कथित रूप से अभिषेक पुत्र विजय बहादुर से एक्सीडेंटल फायर हो गया, जिसकी गोली सीट को चीरते हुए आज़ाद वर्मा की कमर में जा लगी।
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद चारों के बीच विवाद हुआ और घायल आज़ाद को कुछ समय तक गांव व आसपास घुमाने के बाद सुल्तानपुर लाया गया। बाद में पुलिस को सूचना देकर उसे लखनऊ ले जाया गया, जहां सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल किया गया।
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद दोनों मुख्य आरोपी फरार हो गए थे। विश्वसनीय सूचना पर लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित वृंदावन योजना सेक्टर-16 से अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक को हिरासत में लिया गया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त काली स्कॉर्पियो पख रौली रेलवे ओवरब्रिज के पास से बरामद की गई। फील्ड यूनिट की जांच में वाहन से कथित तौर पर अवैध पिस्टल, खोखा कारतूस, खून के निशान तथा सीट में गोली के प्रवेश और निकास के छेद मिले हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है, जबकि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई

जारी है।