अफ्तार अहमद फर्स्ट एडिटर न्यूज़ सुल्तानपुर
सुल्तानपुर में सेना के सूबेदार का शव लेकर जा रहे 4 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में सूबेदार का इकलौता बेटा, भाई, रिश्ते का भतीजा और एंबुलेंस चालक शामिल हैं। तेज रफ्तार एंबुलेंस एक्सप्रेस-वे के किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए। केबिन पूरी तरह पिचक गया। ड्राइवर का शव स्टेयरिंग में फंस गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी काटी और आगे की सीट पर बुरी तरह फंसे दो शवों को बाहर निकाला। पीछे बैठे दो लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, हादसा रविवार सुबह 8:15 बजे अयोध्या बॉर्डर पर हलियापुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुआ। परिवार एंबुलेंस से सूबेदार सत्यवान का शव लेकर पंचकुला (चंडीगढ़) से देवरिया जा रहा था। मृतकों की पहचान सूबेदार के इकलौते बेटे गौरव सिंह (18), भाई राम समुझ (61), रिश्ते के भतीजे राजन सिंह (35) और एंबुलेंस चालक जसपाल के रूप में हुई है। सूबेदार के शव को हलियापुर थाने में रखवाया गया। हादसे की सूचना पर डीएम इंद्रजीत सिंह और पुलिस कप्तान विनीत जायसवाल मौके पर पहुंचे। उधर, हादसे की सूचना के बाद सत्यवान के घर में कोहराम मच गया।
आगे बैठे गौरव और ड्राइवर जसपाल की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। घायलों को अयोध्या के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।इलाज के दौरान राजन और राम समुझ ने दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एंबुलेंस की रफ्तार बहुत तेज थी। अचानक वह बेकाबू होकर हादसे का शिकार हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे तमें लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।पुलिस ने बताया कि अब तक की जांच से हादसे की वजह ड्राइवर को नींद की झपकी आना लग रही है। शदीह सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर थाने में सम्मान के साथ सुरक्षित रखवाया गया है।
डीएम इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सूबेदार सत्यवान सिंह मेरठ में पोस्टेड थे। इनका चंडीगढ़ कमांड हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। अभी तक जो जानकारी है किडनी टांसप्लांट के तीन दिन बाद डेथ हुई है। उनको लेकर आर्मी के एक जवान और परिवार लेकर देवरिया के लिए जा रहे रहे थे। एक आर्टिगा पीछे थी और एम्बुलेंस में घर के लोग सवार थे। ड्राइवर जिसकी मौत हुई है वो चंडीगढ़ का रहने वाला है बाकी लोग देवरिया के रहने वाले हैं। परिवार को सकुशल घर पहुंचाने का प्रबंध कि

या जा रहा है।